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रेलवे मे 11558 पदों के लिए आवेदन शुरू

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 RRB NTPC 2024: एक विस्तृत गाइडरेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित  NTPC (Non-Technical Popular Categories) परीक्षा भारत में सबसे प्रमुख सरकारी भर्ती परीक्षाओं में से एक है।  लाखों उम्मीदवार हर साल इस परीक्षा के माध्यम से भारतीय रेलवे में विभिन्न गैर-तकनीकी पदों पर चयनित होने के लिए आवेदन करते हैं।  RRB NTPC 2024 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह ब्लॉग महत्वपूर्ण जानकारी, तैयारी टिप्स और परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारियों पर केंद्रित होगा। RRB NTPC 2024: महत्वपूर्ण तिथियांRRB NTPC 2024 की आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी  लेकिन आम तौर पर  आवेदन प्रक्रिया जनवरी-फरवरी के महीने में शुरू होती है। नीचे संभावित तिथियों का उल्लेख है: अधिसूचना जारी: जनवरी 2024 ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ: फरवरी 2024 प्रवेश पत्र जारी: मार्च-अप्रैल 2024 परीक्षा तिथि: जून-जुलाई 2024(सटीक तिथियों के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।) RRB NTPC 2024: पद और योग्यताएं RRB NTPC परीक्षा के माध्यम से विभिन्न पदों के लिए भर्ती की जाती है। प्रमुख पदों में शामिल हैं :क्लर्कटाइम  कीपरगुड्स ...

 💥राजस्थान का एकीकरण💥

✅3 जून 1947 को भारत विभाजन की घोषणा की गई थी तब भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के आठवें अनुच्छेद में देशी रियासतों को आत्मनिर्णय का अधिकार दिया गया था कि वह भारत संघ या पाकिस्तान जिसमें चाहे उसमें विलय कर सकते हैं या स्वयं को स्वतंत्र भी घोषित कर सकते हैं।
✅ राजस्थान का एकीकरण करने के लिए 5 जुलाई 1947 को रियासत सचिवालय की स्थापना की गई थी इसके अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल सचिव वीपी मेनन थे।  रियासती सचिव द्वारा रियासतों के सामने स्वतंत्र रहने के लिए दो शर्तें रखी गई ,प्रथम जनसंख्या 10 लाख से अधिक हो एवं दूसरा वार्षिक आय 1 करोड़ से अधिक होनी चाहिए।
तत्कालीन समय में इन शर्तों को पूरा करने वाली राजस्थान में केवल चार रियासतें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर व बीकानेर थी।
स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व वर्तमान राजस्थान 19 देसी रियासतों एवं तीन ठिकानों में विभक्त था।
✅ राजस्थान एकीकरण की प्रक्रिया सन 1948 से आरंभ होकर सन 1956 तक 7 चरणों में संपन्न हुई एवं इस एकीकरण में कुल 8 वर्ष 7 माह 14 दिन का समय लगा।

✅ प्रथम चरण 18 मार्च 1948

💥सर्वप्रथम अलवर भरतपुर धौलपुर तथा करौली करौली रियासतों के एकीकरण से 18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ की स्थापना हुई
उद्घाटन - तत्कालीन केंद्रीय खनिज एवं विद्युत मंत्री श्री नरहरि विष्णु गाडगिल ने किया
राजधानी - अलवर
राज्य प्रमुख - धौलपुर महाराजा श्री उदय भान सिंह बनाए गए
उपराज् प्रमुख - गणेशपाल करौली
प्रधानमंत्री - शोभाराम कुमावत
उप प्रधानमंत्री - जुगल किशोर चतुर्वेदी
उद्घाटन - लोहागढ़ भरतपुर
मत्स्य संघ की  जनसंख्या लगभग - 19 लाख सालाना आय - एक करोड़ 83 लख रुपए थी
जब मत्स्य संघ बनाया गया तभी विलय पत्र में लिख दिया गया कि बाद में इस संघ का राजस्थान में विलय कर दिया जाएगा
मत्स्य संघ का नामकरण के एम मुंशी के सुझाव पर रखा गया।
ठिकाना- नीमराना

✅द्वितीय चरण 25 मार्च 1948
     राजस्थान संघ/ पूर्वी राजस्थान का निर्माण

💥द्वितीय चरण में 25 मार्च 1948 को कोटा बूंदी झालावाड़ टोंक किशनगढ़ प्रतापगढ़ डूंगरपुर बांसवाड़ा एवं शाहपुरा रियासतों को मिलाकर पूर्वी राजस्थान का निर्माण किया गया जिसमें ठिकाना कुशलगढ़ भी शामिल है।
विलय पत्र पर हस्ताक्षर के समय बांसवाड़ा महारावल चंद्रवीर सिंह ने कहा कि "मैं अपने डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर रहा हूं"।
राजधानी कोटा
राज प्रमुख महाराज भीम सिंह कोटा
वरिष्ठ राज् प्रमुख बहादुर सिंह बूंदी
कनिष्ठ राज्य प्रमुख लक्ष्मण सिंह डूंगरपुर प्रधानमंत्री गोकुलराज असावा
उद्घाटन कर्ता नरहरि विष्णु गाडगिल
शाहपुरा और किशनगढ़ ने अजमेर मेरवाडा में विलय का विरोध किया था तथा इन रियासतों को तोपों की सलामी का अधिकार नहीं था।
✅ तृतीय चरण 18 अप्रैल 1948
      संयुक्त राजस्थान
💥राजस्थान के तीसरे चरण में पूर्वी राजस्थान के साथ उदयपुर रियासत को मिलाकर 18 अप्रैल 1948 को नया नाम संयुक्त राजस्थान रखा गया जिसकी राजधानी उदयपुर तथा मेवाड़ महाराणा भूपाल सिंह को राज्य प्रमुख तथा कोटा महाराव भीम सिंह को उपराज्य प्रमुख बनाया गया। माणिक्य लाल वर्मा के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का गठन किया गया। उद्घाटन 18 अप्रैल 1948 को उदयपुर में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया। यह निर्णय किया गया कि विधानसभा का एक अधिवेशन प्रतिवर्ष कोटा में होगा तथा कोटा के  विकास हेतु विशेष प्रयास किए जाएंगे ।मेवाड़ महाराणा भूपाल सिंह को 20 लाख का प्रिविपर्स प्रदान किया गया।
वरिष्ठ राज प्रमुख- भीम सिंह कोटा
कनिष्ठ राज्य प्रमुख - बहादुर सिंह बूंदी व लक्ष्मण सिंह डूंगरपुर
प्रधानमंत्री - माणिक्य लाल वर्मा
उपप्रधानमंत्री - गोकुलराज असावा
✅ चतुर्थ चरण 30 मार्च 1949 वृहत राजस्थान

💥राजस्थान की एकीकरण प्रक्रिया के चौथे चरण में 14 जनवरी 1949 को उदयपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल ने जयपुर बीकानेर जोधपुर लावा और जैसलमेर रियासतों की वृहद राजस्थान में सैद्धांतिक रूप से सम्मिलित होने की घोषणा की। बीकानेर रियासत ने सर्वप्रथम भारत में विलय किया। इस निर्णय को मूर्त रूप देने के लिए 30 मार्च 1949 को जयपुर में आयोजित एक समारोह में वृहत राजस्थान का उद्घाटन सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया इसकी राजधानी जयपुर तथा उदयपुर के महाराणा भूपाल सिंह को महाराज प्रमुख, जयपुर के महाराजा मानसिंह को राज्य प्रमुख तथा कोटा के महाराव भीम सिंह को उपराज्य प्रमुख बनाया गया ।30 मार्च को वृहद राजस्थान के अस्तित्व में आने के बाद सैद्धांतिक रूप से इस दिन को राजस्थान दिवस घोषित किया गया।
वरिष्ठ राज्य प्रमुख - हनुवंत सिंह जोधपुर व भीम सिंह कोटा
कनिष्ठ राज्य प्रमुख - जवाहर सिंह बूंदी व लक्ष्मण सिंह डूंगरपुर
प्रधानमंत्री- हीरालाल शास्त्री
उद्घाटन - सरदार वल्लभभाई पटेल

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